➤ इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की UGC-NET परीक्षाएं रद्द
➤ पेपर में स्पेलिंग, प्रिंटिंग, टाइपिंग और अनुवाद समेत कई खामियां मिलीं
➤ 9 और 10 सितंबर को दोबारा परीक्षा, अभ्यर्थियों से नहीं ली जाएगी कोई अतिरिक्त फीस
नई दिल्ली। UGC-NET परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला लिया है। एजेंसी ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इन विषयों के प्रश्न पत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आने के बाद अब इनकी परीक्षा सितंबर में दोबारा आयोजित की जाएगी।
NTA ने रविवार को बताया कि प्रश्न पत्रों में स्पेलिंग, प्रिंटिंग, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां पाई गई थीं। इसके अलावा कुछ ऐसे सवाल भी दोबारा प्रश्न पत्र में शामिल होने की शिकायत सामने आई थी, जो पहले पूछे जा चुके थे। अभ्यर्थियों की ओर से आंसर-की जारी होने के बाद इन खामियों को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए NTA ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया। समिति की जांच में प्रश्न पत्रों में कई स्तर की त्रुटियां सामने आईं। इसके बाद एजेंसी ने माना कि केवल कुछ गलत सवालों को हटाकर या उनके अंक समायोजित करके समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर तीनों विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया गया।
9 और 10 सितंबर को दोबारा होगी परीक्षा
NTA ने तीनों विषयों की री-एग्जाम की तारीखें भी घोषित कर दी हैं। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को होगी, जबकि सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इसी दिन कॉमर्स का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वहीं सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी।
दोबारा परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि री-एग्जाम के लिए कोई नई फीस नहीं ली जाएगी। यानी जिन अभ्यर्थियों ने पहले इन विषयों की परीक्षा दी थी, उन्हें दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए अतिरिक्त परीक्षा शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा।
प्रश्न पत्रों में मिलीं कई स्तर की गड़बड़ियां
समिति की जांच में प्रश्न पत्रों में केवल एक तरह की गलती नहीं, बल्कि कई स्तर पर खामियां सामने आईं। इनमें नामों की गलत वर्तनी, किताबों के नाम गलत तरीके से छपना, प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां, व्याकरण संबंधी गलतियां और विराम चिह्नों से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं।
इसके अलावा प्रश्नों के टाइपिंग और अनुवाद में भी गलतियां पाई गईं। अभ्यर्थियों की ओर से पहले पूछे जा चुके सवालों को दोबारा शामिल किए जाने की शिकायत भी की गई थी। समिति ने इन सभी पहलुओं की जांच के बाद माना कि समस्या को कुछ प्रश्न हटाकर हल करना उचित नहीं होगा।
ऐसे में तीनों विषयों की पूरी परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि अभ्यर्थियों को समान और त्रुटिरहित प्रश्न पत्र के आधार पर परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी
NTA ने रविवार सुबह UGC-NET के 87 में से 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी की। हालांकि, इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की आंसर-की जारी नहीं की गई। इन तीनों विषयों की परीक्षा रद्द होने के कारण इनके लिए अब नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाएगी।
NTA की ओर से UGC-NET परीक्षा का आयोजन 22 से 30 जून के बीच किया गया था। अब तीन विषयों के अभ्यर्थियों को सितंबर में दोबारा परीक्षा में शामिल होना होगा।
अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद लिया गया फैसला
परीक्षा प्रक्रिया के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्रों में मौजूद खामियों को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। इनमें गलत प्रिंटिंग, भाषा संबंधी त्रुटियां, अनुवाद की गलतियां और पुराने सवाल दोहराए जाने जैसी शिकायतें शामिल थीं।
इन शिकायतों की जांच के बाद समिति की रिपोर्ट के आधार पर NTA ने तीनों विषयों की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। एजेंसी का कहना है कि इस तरह की खामियों को केवल कुछ प्रश्नों को हटाकर दूर नहीं किया जा सकता था, इसलिए दोबारा परीक्षा कराने का विकल्प चुना गया।
NTA की परीक्षा व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में
तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने के बाद NTA की परीक्षा प्रक्रिया और प्रश्न पत्र तैयार करने की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। पिछले कुछ समय में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर प्रश्न पत्र और परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी कई शिकायतें सामने आती रही हैं।
दिए गए विवरण के अनुसार, इसी वर्ष NEET-UG परीक्षा को लेकर भी पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित विवाद सामने आया था। इसके बाद दोबारा परीक्षा करानी पड़ी थी। वर्ष 2024 में भी NEET को लेकर प्रश्न पत्र और परीक्षा परिणाम से जुड़े विवाद ने व्यापक चर्चा पैदा की थी।
अब UGC-NET के तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने से एक बार फिर परीक्षा की विश्वसनीयता, प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण पर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, इस मामले में NTA ने शिकायतों को जांच समिति के पास भेजकर रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया है। अब अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के अभ्यर्थियों को सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी। अभ्यर्थियों के लिए राहत यह है कि री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।



